महाराज रणधीर सिंह भींडर का जीवन परिचय Randhir Singh bhinder biography in hindi

महाराज रणधीर सिंह भींडर का जीवन परिचय Randhir Singh bhinder biography in hindi

महाराज रणधीर सिंह भींडर एक भारतीय राजनेता और क्षेत्रीय राजनीतिक दल जनता सेना के संस्थापक है। राजस्थान के प्रसिद्ध सामाजिक- राजनीतिक नेतृत्वकारी व्यक्तित्व के महाराज, भींडर राजघराने से है। रणधीर सिंह भींडर भारत के गौरव महाराणा प्रताप के भाई शक्ति सिंह के वंशज है। उन्होंने अपनी वंश परंपरा के अनुसार बचपन से ही विधार्थी जीवन से सामाजिक समर्पण और जन सरोकार रखा जिसके कारण के विद्यार्थियों के एक बहुत अच्छे नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवन के शुरुआत के समय और युवा अवस्था से ही सामाजिक विकासकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन शुरू किया। उनका जीवन जनहित के मुद्दों पर और जनता की समस्याओं के समाधान के साथ जुड़ा होने के कारण उनके समर्थकों के आग्रह पर वे समाज में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए एक लोकप्रिय जननेता और सफल नेतृत्वकारी व्यक्तित्व के रूप में राजनीतिक व्यवस्था में शामिल हुए। उनके व्यक्तित्व और जन हितार्थ कार्यशैली के कारण उन्होंने राजस्थान, भारत में एक सफल लोकप्रिय राजनीतिक व्यक्तित्व की छवि प्राप्त की है।

महाराज रणधीर सिंह भींडर का जन्म मेवाड़, राजस्थान के उदयपुर जिले में भींडर के राजमहल में हुआ। इनके पिता का नाम महाराज साहेब भैरव सिंह जी और माता का नाम राणीसा आनंद कंवर जी है। उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई उदयपुर के सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्ययन किया। इसके पश्चात उन्होंने कृषि विज्ञान (बीएससी) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और कृषि विस्तार (एमएससी) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वे सामाजिक सेवा कार्य के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेतृत्व के आग्रह पर तत्कालीन दिवंगत भूतपूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह जी शेखावत के समय राजनीति में शामिल हुए।

महाराज रणधीर सिंह इस दौरान किसानों के हित और कल्याण के लिए कार्य करते हुए वे एक किसान नेता बन गए। एक लोकप्रिय परिवर्तनकारी जननेता के साथ ही वे आज भी एक अच्छी तरह से पहचाने जाने वाले किसान नेता हैं। समाज और क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन के कार्य के साथ वे क्षत्रीय महासाभा में शामिल हुए और वे अभी भी सामाजिक सुधार और कल्याणकारी संगठन के अध्यक्ष रहे हैं। राजनीतिक जीवन में उनकी एक सकारात्मक परिवर्तनकारी नेतृत्व वाले व्यक्तित्व की भूमिका और सक्रिय सामाजिक भागीदारी के कारण वह भींडर और मेवाड़ ही नहीं राजस्थान के एक बड़े जननेता के तौर पर अच्छी तरह से पहचाने जाते हैं।

रणधीर सिंह भींडर को वल्लभनगर विधानसभा से एक उम्मीदवार के रूप में पहली बार 1993 में चुना गया। जिस पर उन्होंने 1993 और 1998 में विधायक के लिए मैदान में उतरकर चुनाव लड़ा। उनकी लोकप्रियता और विकास में सक्रीय भूमिका के कारण क्षेत्र की जनता के आग्रह पर वे फिर से मैदान में उतरे और उन्होंने वर्ष 2003 में चुनाव जीता। उन्होंने यह चुनाव राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ लड़कर जीता और विधायक चुने गए। एक विधायक के रूप में उन्होंने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की और उन्होंने जनता व क्षेत्र के विकास के लिए कई अतिरिक्त लक्ष्य अर्जित किए। 2013 में भाजपा से टिकट कटने पर क्षेत्र की जनता ने उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का आग्रह किया। समर्थकों और जनता के व्यापक समर्थन पर उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और भारी मतों से भींडर/वल्लभनगर विधानसभा से विजयी होकर 2013 में फिर विधायक चुने गए।

Source : randhirsinghbhinder.com

महाराज रणधीर सिंह भींडर का जीवन परिचय Randhir Singh bhinder biography in hindi

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.